श्री दिगंबर जैन परवार मंदिर, इतवारी नागपुर
नागपुर शहर का इतवारी क्षेत्र प्राचीनता और धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है। यहीं स्थित है श्री दिगंबर जैन परवार मंदिर, जो जैन समाज के लिए एक प्रमुख तीर्थस्थल और धार्मिक केंद्र के रूप में विख्यात है।
मंदिर का इतिहास और महत्व
श्री परवार समाज द्वारा स्थापित यह मंदिर कई वर्षों से जैन भक्तों के श्रद्धा का केंद्र रहा है। मंदिर का वास्तुशिल्प अत्यंत सुंदर और शांतिपूर्ण है, जहाँ प्रवेश करते ही एक दिव्य शांति का अनुभव होता है।
यहाँ विराजमान भगवान महावीर स्वामी तथा अन्य तीर्थंकरों की भव्य प्रतिमाएँ भक्तों को वीतरागता, अहिंसा और सत्य के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देती हैं।
- प्रतिदिन प्रातः मंगल आरती, अभिषेक और पूजन का आयोजन होता है।
- धार्मिक पर्व जैसे पर्युषण, महावीर जयंती, दसलक्षण पर्व अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाए जाते हैं।
- समाज के बच्चों और युवाओं के लिए पाठशाला, प्रवचन एवं संस्कार शिविर आयोजित किए जाते हैं।
यह मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान ही नहीं, बल्कि सामाजिक एकता और सेवाभाव का भी प्रतीक है। मंदिर परिसर में समाज के कार्यक्रम, विवाह, संस्कार एवं सांस्कृतिक आयोजन भी होते रहते हैं।

श्री दिगंबर जैन परवार मंदिर, इतवारी नागपुर न केवल एक धार्मिक स्थल है, बल्कि यह जैन संस्कृति, परंपरा और मूल्यों का जीवंत केंद्र है। यहाँ आने वाला प्रत्येक श्रद्धालु आत्मिक शांति और नई ऊर्जा प्राप्त करता है।
श्री दिगंबर जैन परवार मंदिर, इतवारी नागपुर – नया निर्माण
नागपुर के ऐतिहासिक इतवारी क्षेत्र में स्थित श्री दिगंबर जैन परवार मंदिर अब अपने नए भव्य स्वरूप की ओर अग्रसर है। परवार समाज की सामूहिक भावना और श्रद्धा से प्रेरित होकर मंदिर का पुनर्निर्माण एवं विस्तार कार्य आरंभ हुआ है, जिससे आने वाले समय में यह मंदिर और भी आकर्षक तथा विशाल रूप में भक्तों के सामने प्रस्तुत होगा।
नए निर्माण की विशेषताएँ
- आधुनिक एवं पारंपरिक जैन वास्तुकला का सुंदर संगम।
- विशाल गर्भगृह में भगवान महावीर स्वामी और अन्य तीर्थंकरों की भव्य प्रतिमाएँ।
- शांतिपूर्ण ध्यान कक्ष एवं प्रवचन हॉल का निर्माण।
- सामाजिक व सांस्कृतिक कार्यक्रमों हेतु सभागार।
- बच्चों और युवाओं के लिए जैन पाठशाला कक्ष।
- सुविधाजनक श्रद्धालु आवास (धर्मशाला) और भोजनशाला की व्यवस्था।
धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व
यह नया मंदिर केवल पूजा-अर्चना का स्थान नहीं रहेगा, बल्कि यह जैन संस्कृति के प्रचार-प्रसार और समाज की एकता का केंद्र बनेगा। यहाँ धार्मिक उत्सव, प्रवचन, पाठशाला एवं सामाजिक सेवा गतिविधियाँ और अधिक सुव्यवस्थित रूप में संपन्न होंगी।
समाज की भागीदारी
मंदिर निर्माण पूरी तरह समाज की सहयोग भावना, दान और श्रमदान पर आधारित है। परवार समाज के प्रत्येक परिवार का योगदान इस मंदिर को भव्य रूप देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
श्री दिगंबर जैन परवार मंदिर, इतवारी नागपुर का यह नया निर्माण आने वाली पीढ़ियों के लिए श्रद्धा, संस्कृति और आस्था का एक अमूल्य धरोहर साबित होगा। यह मंदिर न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बनेगा, बल्कि समाज की एकजुटता और प्रगति का भी संदेश देगा।

