भगवत् जिनेन्द्र महा अर्चना महोत्सव एवं विश्व शान्ति महायज्ञ छठे दिवस | जयपुर | 30 जनवरी 2026
चारित्र शुद्धि विधान — एषणा समिति पूजा
भगवत् जिनेन्द्र महा अर्चना महोत्सव एवं विश्व शान्ति महायज्ञ के छठे दिवस पर मानसरोवर स्थित हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड, जयपुर में आध्यात्मिक ऊर्जा अपने चरम पर दृष्टिगोचर हुई। पावन वातावरण में श्रावक-श्राविकाओं ने पूज्य गुरुवर के मंगल सान्निध्य में चारित्र शुद्धि विधान की विधिवत आराधना का सौभाग्य प्राप्त किया।
कार्यक्रम के प्रारम्भिक क्रम में पूज्य गुरुवर द्वारा उच्चारित पावन मंत्रों के मध्य भक्तों ने अर्घ समर्पित करते हुए चारित्र शुद्धि विधान की पूजा-अर्चना आरंभ की। जिनेन्द्र भक्ति से सुवासित वातावरण में मंत्रोच्चार के साथ मंडल जी पर अर्घ समर्पण एवं धर्मध्वज स्थापना की गई, जिससे संपूर्ण पांडाल भक्तिरस से सराबोर हो उठा।
इसी क्रम में पूर्णिवान जैन अनुयायियों ने विधि-विधानपूर्वक चारित्र शुद्धि विधान के अर्घ समर्पित किए तथा हवन की पवित्र अग्नि में आहुतियाँ अर्पित कर आत्मशुद्धि एवं कर्मनिर्जरा की भावना को सशक्त किया। “नमो नमः”, “नमस नमो” जैसे मंत्रों के सामूहिक उच्चारण से वातावरण अत्यंत शांत, पवित्र और आध्यात्मिक हो गया।
कार्यक्रम की अगली कड़ी में परम पूज्य निष्क्रणित व्रतकर्ता अंतर्मना आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज के सान्निध्य में णमोकार मंत्र सहित अनेक पावन मंत्रों का सामूहिक जाप संपन्न हुआ। इस दौरान उपस्थित भक्तों ने गहन आत्मिक शांति, स्थिरता एवं भक्ति रस का अनुभव किया।
इसके पश्चात पूज्य आचार्यश्री ने प्रायश्चित भाव को जागृत करते हुए श्रावक-श्राविकाओं को मन, वचन और काय से हुए जाने-अनजाने दोषों के लिए आत्ममंथन कराया। देव, गुरु, शास्त्र एवं विधान में हुई किसी भी प्रकार की असावधानी के लिए क्षमा-याचना कराई गई तथा आज के ही दिन प्रायश्चित लेकर आत्मशुद्धि का संकल्प कराया गया।
पूज्य गुरुवर ने रात्रि में सोने से पूर्व नियमित रूप से नमोकार मंत्र या विधान मंत्र जप करने का संकल्प भी भक्तों से कराया, जिससे जीवन में निरंतर धर्मसाधना बनी रहे।
प्रवचन क्रम में आचार्यश्री की मंगल वाणी ने उपस्थित जनसमूह को गहराई से प्रभावित किया। अकबर-बीरबल की कथा के माध्यम से उन्होंने व्यवहारिक बुद्धि, आज्ञापालन और विवेक का अत्यंत सरल एवं प्रभावशाली संदेश दिया।
कार्यक्रम के समापन पर भक्ति से ओतप्रोत वातावरण में प्रभु एवं गुरुवर की अलौकिक मंगल आरती संपन्न हुई। संपूर्ण परिसर “जय जयकार” और भक्ति गीतों से गूंज उठा, जिससे प्रत्येक श्रद्धालु का हृदय कृतज्ञता, भक्ति और शांति से भर गया।
तीन दिगम्बर जैन संघों के 48 संतों का ऐतिहासिक मिलन
भगवत् जिनेन्द्र महाअर्चना महोत्सव के अंतर्गत शुक्रवार को एक अत्यंत दुर्लभ एवं ऐतिहासिक क्षण साक्षात हुआ, जब तीन दिगम्बर जैन संघों के 48 संतों का पावन मिलन मानसरोवर के शिप्रा पथ वीटी रोड स्थित हाउसिंग बोर्ड ग्राउंड में संपन्न हुआ। आठ दिवसीय इस महोत्सव के दौरान आचार्य श्री 108 प्रसन्नसागर जी महाराज, आचार्य श्री 108 सुन्दर सागर जी महाराज एवं आचार्य श्री 108 शशांक सागर जी मुनिराज के संघों के मिलन ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
इस अवसर पर उपस्थित श्रद्धालुओं ने संतों की अगवानी गुलाब के पुष्पों की वर्षा कर की, जिससे संपूर्ण वातावरण श्रद्धा, सौहार्द और भक्ति से सराबोर हो उठा। आचार्य सुन्दर सागर महाराज एवं आचार्य शशांक सागर मुनिराज 32 पिच्छीका के संघ के साथ अग्रवाल फार्म मंदिर से विहार करते हुए अरावली पथ तिराहे पर पहुंचे, जहाँ आचार्य श्री प्रसन्नसागर महाराज संघ के उपाध्याय श्री पीयूष सागर जी महाराज के सान्निध्य में भव्य स्वागत किया गया।
यह क्षण विशेष रूप से स्मरणीय रहा क्योंकि आचार्य सुन्दर सागर महाराज एवं आचार्य प्रसन्नसागर महाराज का 25 वर्ष पूर्व भोपाल में मिलन हुआ था, वहीं आचार्य शशांक सागर मुनिराज एवं आचार्य प्रसन्नसागर महाराज का वर्ष 2017 में पदमपुरा में मिलन संपन्न हुआ था। इन पावन स्मृतियों ने इस मिलन को और भी भावगर्भित बना दिया।
कार्यक्रम स्थल के मुख्य द्वार पर आचार्य प्रसन्नसागर जी महाराज द्वारा दोनों आचार्यों की अगवानी की गई। इस अवसर पर आचार्य सुन्दर सागर महाराज ने अपने उद्बोधन में कहा—
“हम सब एक ही बगिया के फूल हैं,”
जिससे एकता, समन्वय और अहिंसा का गहन संदेश जन-जन के हृदय तक पहुंचा।
यह संत मिलन न केवल जैन समाज के लिए बल्कि संपूर्ण मानवता के लिए एकता, सौहार्द और आध्यात्मिक समरसता का अनुपम उदाहरण बन गया।
Day 6 का यह आयोजन चारित्र शुद्धि, आत्ममंथन और धर्मसाधना का प्रेरणास्रोत बनकर सभी के मन में अमिट छाप छोड़ गया।
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भास्कर न्यूज | जयपुर | 30 Jan 2026
भगवत जिनेन्द्र महाअर्चना महोत्सव; 3 दिगम्बर जैन संघों के 48 संतों का मिलन, कहा-हम सब एक ही बगिया के फूल

Jinvani Television broadcast
Day 7 – 31 जनवरी 2026
भगवत जिनेन्द्र महा अर्चना महोत्सव
द्वितीय दिवस – 26 जनवरी 2026 | तृतीय दिवस – 27 जनवरी 2026 | चतुर्थ दिवस – 28 जनवरी 2026 | पंचम दिवस – 29 जनवरी 2026 | षष्ठ दिवस– 30 जनवरी 2026 | सप्तम दिवस – 31 जनवरी 2026




